अररियाः दो विदेशी प्रेमी युगल बिहार के भ्रमण पर आए थे। दोनों को भारतीय संस्कृति इनती पसंद आई की दोनों ने बिहार के अररिया के फारबिसगंज में शादी कर दी। पहले तो दोनों दोस्त बनकर साथ आए थे, लेकिन यहां से दोनों पति-पत्नी बनकर गए। शादी में स्थानीय लोगों ने दोनों की मदद की। महिलाओं ने विदेशी युवती के हाथ में शादी की मेहंदी लगाई। शादी के दौरान साड़ी और चुनरी पहन युवती काफी खुश नजर आ रही थी।

हिन्दू रिती रिवाज से की शादी

साउथ अमेरिका के अर्जेंटीना जुआन क्रूज और यूरोप के हंगरी की रहने वाली एडम टिमिया ने फारबिसगंज में हिन्दू रितू रिवाज से शादी की। शादी की तैयारियों में कोई कमी नहीं रखी गई थी। दुल्हा और दुल्हन दोंनो ने अपने हाथों में मेंहदी लगवाई। साथ ही भारतीय वैवाहिक शादी का जोड़ा भी पहना। शादी करवाने पहुंचे पुरोहित ने जहां सभी विवाह मंत्रों के प्रयोगों से दोनों के शुभ लगन और सफल जीवन के लिए कर्मकांड किया। वहीं अग्नि के सात फेरे, कन्यादान, सिंदूर, वरमाला और अन्य रीतियों को भी पूरा कराया। ग्रामीणों के पैर छुकर दोनों ने प्रणाम किया और आशीर्वाद लिया। दोनों 6 जुलाई को साइकिल से सदभावना यात्रा प्रारंभ कर यूरोप और एशिया के कई देशों का भ्रमण करते हुए गुरूवार को फारबिसगंज पहुंचे थे। जहां दो विदेशियों ने हिंदू रीति-रिवाज से शादी कर के हिंदुस्तानी संस्कृति को अपनाया है। दुल्हन हाथों में लगी मेंहदी को दिखाते हुए काफी उत्साहित दिखी।

पिता ने बताई थी हिन्दुस्तान की सभ्यता

जुआन ने बताया कि 1986 में अर्जेंटीना में फारबिसगंज ढोलबज्जा के डॉ जेपी सिंह संस्था के काम से अर्जेंटीना गए थे। जेपी सिंह अर्जेंटीना में अपने एक दोस्त के यहां ठहरे थे। जहां उनके अर्जेंटीनियन मित्र का 11 साल का बेटा जुआन क्रुज़ उनसे भारतीय सभ्यता और संस्कृति के बारे में हमेशा जानने की कोशिश किया करता था। जुएन क्रूज़ हमेशा अपने पिता से हिंदुस्तान और उसके सभ्यता संस्कृति के बारे में पूछता रहता था और हिंदुस्तान में जाने की इच्छा रखता था। इसके बाद जब उसने अपनी पढ़ाई पूरी कर ली उसके बाद उसे हिंदुस्तान आने की जिज्ञासा और बढ़ गई। आखिर में जुएन 25 दिसंबर 2018 को बिहार में साइकिल के दौरान  पहुंच गया।

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